शेर जैसा जिगरा चाहिऐ हमको हाथ लगाने मैं
जिस दिन हमने अपनी औकात दिखा दी, उस दिन तुम्हारी हैसियत खत्म हो जाएगी…!
मैं मस्ती में चूर रहता हूं और लड़कियों से दूर रहता… !
मैं ना अंदर से समंदर हूं ना बाहर आसमान बस मुझे उतना समझ जितना नजर आता हूं… !
जिन्हे उगना होता हैं वो पत्थर का सीना चीर कर भी उगते हैं।।
जब से हम लोगों के असली रंग पहचानने लगे हैं,
एटीट्यूड में रहना तो मेरी पुरानी आदत है।
हमारी मुस्कान का मतलब ये नहीं कि हम खुश हैं, हो सकता है हम तुम्हारी बेवकूफी पर हंस रहे हों…!
जो चली गई थी वो लौट आई है स्वागत करो बेटा.. दरवाजे पर तेरी मौत आई है.. !
अब भौकाल मचाएंगे बेटा जितना तूने सोच रखा है… उससे भी आगे जाएंगे।
लोग कुछ भी कहे हम वही करेंगे जो हमें अच्छा लगेगा क्योंकि वह वह है और हम हम हैं…!
ये तो अच्छा है दिल Attitude Shayari सिर्फ सुनता है, अगर कहीं बोलता होता तो कयामत आ जाती.. !
आजकल वो लोग भी कहते हैं कि हमारा तो नाम ही काफी है, जिनको गली के कुत्ते भी नहीं जानते है.. !
शेरों से सीखा है खामोश रह कर शिकार करना, क्यूंकि दहाड़ मार कर शेर कभी शिकार नहीं करता